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Chaudhary Minaxi@minaxichaudh
एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव में एक लड़का रहता था—नाम था अर्जुन। वह हमेशा सोचता था कि वह दूसरों से कमज़ोर है। एक दिन गाँव में तीरंदाजी की प्रतियोगिता हुई। अर्जुन ने भाग लेने की हिम्मत तो की, लेकिन उसका निशाना बार-बार चूक गया। लोग हँसने लगे।
निराश होकर वह जाने लगा, तभी उसके दादा जी ने कहा, “हार मानने से पहले एक आखिरी बार कोशिश कर।”
अर्जुन ने आँखें बंद कीं, गहरी साँस ली, और इस बार उसने अपने डर को नहीं, अपने लक्ष्य को देखा… तीर सीधा जाकर निशाने के बीचों-बीच लगा।
उस दिन अर्जुन ने सीखा—कमज़ोरी शरीर में नहीं, सोच में होती है। 💫Sponsored
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