हम न साढ़े साती है जो तुम्हारे कुंडली मे राहू केतू बन कर बैठे गए,, और ग्रहो कि दशा बदली न तो शनि भी हम ही होगें और काल भी इसलिए हद मे रहों ज्यादा हमारे सर पर तांडव न करों
नही तो तुम्हारी करनी के लिए तुम्हे सहित आग लागएगें, चाहो तो लिख कर ले लों,,
Related
View allComments
No comments yet.