GGuru Patle@gurupatle39Followहर डिब्बे में रंग अलग हो, हर दिल में एक ही सपना — नंबर 1 का शहर अपनाPatrioticHindi25See who reacted (25)RelatedView allDDABLA@dablaरील्स बनाने वाले क्या जाने देशभक्ति होती क्या थी ।1d ago109ललोकेश@lkdwriterSyahiक्या औकात चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश की .... जो भारत को आंख दिखाएं , हम भारतीय फौजी हैं आंख निकाल लिया करते हैं जो हमारे भारत को कुदृष्टि से देखते हैं ।1d ago199ललोकेश@lkdwriterSyahiनेता सिर्फ कुत्ते की तरह भौंकते हैं , दहाड़ते तो फौजी हैं ।1d ago101CChandrakant Srivastav@productionmaझारखंड मेरी पहचान है, झारखंड मेरी शान है, इस माटी का बेटा हूं मैं, यही मेरा अभिमान है2d ago195MMangilal Meghwal@mangilalmeghjay jawanjay kishan 7/7/2026124RRajnish singh@rajnishsngh4Aawazभारत माता की जय6/28/2026263PPadam Budha@padambudhaxeAawazभाग 69 विश्व के नेताओं का आत्मसमर्पण एक दिन, दुनिया के सबसे बड़े और शक्तिशाली देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री खुद अपने आलीशान विमानों से नेपाल के भव्य 'विष्णु महल' पहुँचे। वे लड़ने नहीं, बल्कि पदम जी और उनके परिवार से दोस्ती का हाथ बढ़ाने और शांति समझौता करने आए थे। विदेशी नेताओं ने पदम जी के आगे झुककर कहा, "वीर नेपाली कमांडर! हम वादा करते हैं कि आज के बाद दुनिया का कोई भी देश नेपाल के स्वाभिमान और सीमा की तरफ देखने का दुस्साहस नहीं करेगा। हम आपकी वीरता को सलाम करते हैं।"6/25/202687PPadam Budha@padambudhaxeAawazभाग 67 महाविजय का ऐतिहासिक उत्सव विदेशी दुश्मनों को पूरी तरह परास्त करके जब पदम, भगत, कुशल और उनके वीर बेटे-पोते महल लौटे, तो माँ आरती ने सबका विजय तिलक लगाकर स्वागत किया। पूरे देश और 'विष्णु साम्राज्य' में एक बार फिर इन वीरों की जय-जयकार गूँज उठी। आसमान से विष्णु पिता की आत्मा अपने बेटों और नातिों की यह अद्वितीय वीरता देखकर उन पर आशीर्वाद बरसा रही थी। सत्य और वफादार प्रेम की बुनियाद पर खड़ा यह साम्राज्य अब अजेय बन चुका था।6/25/202679CommentsPostNo comments yet.