K
Kajal Naidu@kajalnaidu
आँगन में दीया जलाओ—मैं डर को नहीं, अपने नाम को रोशन करूँगी।
आज रुठा मौसम भी मान जाएगा; क्योंकि मेरी उम्मीद, हवा से ज़्यादा तेज़ है।Related
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आँगन में दीया जलाओ—मैं डर को नहीं, अपने नाम को रोशन करूँगी।
आज रुठा मौसम भी मान जाएगा; क्योंकि मेरी उम्मीद, हवा से ज़्यादा तेज़ है।No comments yet.