G
Geetanjali Malik@geetanjalimalik
क्रीकत दी तरह—असांदी आँखन च इंतज़ार उछलदा रहिंदै; बल्ले तें नहीं, पर यादें ही स्वींग कर जंदियाँ। मैदाने च तू छेती आ, वरना मेरी हर ओवर दी “लॉन्गिंग”—विकेट दी तरह गिरदी जाएगी।

Related

View all

Comments

No comments yet.