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Padam Budha@padambudhaxeAawaz
(Bhag 14)
"तबादले की खबर सुनकर आरती का दिल बैठ गया और पदम जी भी चिंतित हो गए। लेकिन वीर ने हार नहीं मानी। उसने अपने माता-पिता के पैर छुए। आरती ने वीर के माथे पर तिलक लगाते हुए कहा, 'बेटा, जहाँ अन्याय होगा, वहाँ मेरी दुआएं तुम्हारी ढाल बनेंगी।' पदम जी ने कहा, 'जाओ वीर, देश की सेवा करो, अब तुम्हारा पिता अपने पैरों पर खड़ा है।' वीर भारी मन से नए मिशन पर निकल गया।"Related
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