C
Chandni Yadav@chandniyadav2674
काम की मीटिंग में मैं “ठीक” बोलती हूँ,
घर की चुप्पी में मैं “रुक” बोलती हूँ—
क्योंकि मेरा टेंडर दिल जानता है, देर से नहीं, अपने ही भीतर टूटता है।Related
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काम की मीटिंग में मैं “ठीक” बोलती हूँ,
घर की चुप्पी में मैं “रुक” बोलती हूँ—
क्योंकि मेरा टेंडर दिल जानता है, देर से नहीं, अपने ही भीतर टूटता है।No comments yet.