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Sofiya..... princess@sd2979142Maestro
यह महफ़िल अपना होकर भी पराया लगती है, हर मोड़ पर टूटती जो, वो अधूरी सदा हूँ मैं!! इश्क़ की खुशबू छिन गई, रंग फीके पड़ गए, अब बस खुद की रूह से खुद ही मिला हूँ मैं!!❣️

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