SSohan@sohanyishustFollowजब आकाश-धरती रचे गए, काम नहीं रुका—बस “सातवां दिन” बन गया विश्राम का वचन। और मिट्टी से बना इंसान, श्वास पाकर जीवन बन गया 🌿ReligionHindi178See who reacted (178)RelatedView allUUpendra Singh@UpendraSinghCreatorजय जय श्री राम5d ago129UUpendra Singh@UpendraSinghCreatorजय श्री राम5d ago74RRam@rambhairajadअरे पगली, किस दूल्हे की चाह में मरी जा रही, जिसके सिर पे गंगा नाचे और गले में सांप डोले9/5/202619UUpendra Singh@UpendraSinghCreatorआज की सुबह हर हिंदू भाई के नाम, दिल से एक प्यारा सा राम-राम 🙏8/4/202638Nnitin gupta@usapvtltd1राष्ट्रीय कल्कि स्वयसेवक संघ के सदस्य बने श्री कल्कि तीर्थ नगरी का प्रचार-प्रसार करे अपना नितिन कल्कि सेवक संस्थापक व कोषाध्यक्ष से सम्पर्क करे 7/26/2026154AAnita Jangra@anitajangraAawazपूर्ण परमात्मा कविर्देव चारों युगों में आए हैं। सृष्टी व वेदों की रचना से पूर्व भी अनामी लोक में मानव सदृश कविर्देव नाम से विद्यमान थे। कबीर परमात्मा ने फिर सतलोक की रचना की, बाद में परब्रह्म, ब्रह्म के लोकों व वेदों की रचना की इसलिए वेदों में कविर्देव का विवरण है।7/17/202671UUpendra Singh@UpendraSinghCreatorराम राम बोलेंगे7/10/2026104UUpendra Singh@UpendraSinghCreatorजय श्री राम राम7/8/202630CommentsPostNo comments yet.