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Ankit yadav@ankitkumaryaAawaz
तन्हाई: "मेरी आँखों के समंदर में उतर कर तो देखो, कितने मोती टूट गए तुम्हें तन्हा याद करके। अब तो धड़कनें भी साथ छोड़ने लगी हैं, बस तुम्हारी यादें ही हैं जो सीने में सांस बनकर चलती हैं।"

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