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SambhuAlfaaz@abujhati65Aawaz
तलवार उठा के जब मैदान में उतरे साफ़ा सजा के जब तैयार हम निकले छत से झाँके ज़माना रुक के हमको कहे काश ऐसी हिम्मत हममें भी होती…

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