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MOHMMAD NIZAM@@mohmmadnizamAawaz
जो दुःख तुम्हें अल्लाह के क़रीब कर दे, वह वास्तव में दुःख नहीं बल्कि एक नेमत है। ज़िंदगी की हर ठोकर यही एहसास दिलाती है कि— "ऐ अल्लाह! तेरे सिवा मेरा कोई नहीं।"

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