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Bishal Tharu@bt603927Creator
1. तन्हाई की इस महफिल में दर्द बयां करते हैं,
टूटे हुए दिलों की दास्तां बयां करते हैं।
कोई समझ न सका हमारे आंसुओं की जुबान,
हम खामोश रहकर हर सितम बयां करते हैं।
2. बिखरने को तो एक पल काफी था,
पर जिंदगी ने टूटने में वक्त बहुत लगाया।Related
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