B
Bishal Tharu@bt603927Creator
शब्दों में बयां हो सके इतनी छोटी नहीं है चाहत, तू रूह में बस गया है, यही है मेरी इबादत। सदियां बीत जाएं यूं ही साथ निभाते-निभाते, बस हर जनम में मिले हमें तेरी ही मोहब्बत।

Related

View all

Comments

No comments yet.