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Jayanti Jha@jhaj8672Creator
हथियारों से तो सिर्फ जिस्म पर निशान होते हैं,असली घाव तो लफ्ज़ों के तीर से सरेआम होते हैं।संभाल कर खर्च करना अपनी ज़ुबान के सिक्के,क्योंकि शब्द ही तय करते हैं कि हम महफ़िल में राजा या गुलाम होते हैं।"Related
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