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Deepchand@rdeepchandraSyahi
हम चुप होकर तुम्हें सुन इसलिए रहे हैं ताकि पूरी तरह से तुम्हें पहचान पा सके और जब बोले तो इतना बोल कि तुम्हें तुम्हारी औकात याद दिला सके. धन्यवाद

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