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RAJPUT@rajput050519
एक जज को सपने में “युधिष्ठिर” दिखाई देते हैं और कहते हैं आज अगर तुम होते, तो धर्म कैसे निभाते? अगले दिन उसे एक ऐसा केस मिलता है जहाँ कानून और नैतिकता में टकराव है। वो युधिष्ठिर के सिद्धांतों को याद कर फैसला लेता है, जिससे समाज में बहस छिड़ जाती है क्या धर्म आज भी ज़िंदा है?

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