AAst Tamang@asttamang17Followसारा रारा मोटर गाडी में, दिल बोले रोज सफर में 🚗Road tripHindi7See who reacted (7)RelatedView allKKrishiv Ghosh@krishivghosh7405सड़क के किनारे हर मील चुपचाप मुझसे पूछता है—“तुम्हें ठहरना है या भागना?” मैं जवाब देता हूँ: “मैं तो आराम ढूँढता हूँ… और मनोहर तरीके से बेचैनी को ड्राइव कर रहा हूँ।”6/15/2026183RRakhi Naidu@rakhinaiduमैं पीछे के शीशे में नहीं, आगे की धूल में अपना नाम लिखती हूँ—हवा भी कहती है “रुक” और मैं “तेज़” सुनती हूँ।6/1/202636NNishith Ganguly@nishithgangulyमैं रोड के किनारे खुद को ढूंढता नहीं—मैं उसे चला कर सामने लाता हूँ। क्योंकि जो रुक जाए, वो सफ़र नहीं—वो बस इंतज़ार बन जाता है।6/1/202634JJayesh Deshmukh@jayeshdeshmukhरेलिंग पर हाथ, खिड़की से धुआँ—और पीछे छूटे “हम” अब भी सीट पर पसरे हैं; रोड ट्रिप नहीं, यादों का रूट रिवाइंड हो रहा है, बस वापसी का टिकट नहीं।5/28/202652MMadhavi Acharya@madhaviacharya5995मैं रोड के किनारे बैठकर मुस्कुराती रही—जैसे धुंध मुझे नहीं, रास्ते को समझा रही हो। तभी समझ आया: कुछ लोग साथ होते हुए भी “कहीं पहुँच गए” बनकर रह जाते हैं। और मैं—मैं हर मोड़ पर अपना नाम भूलती गई, बस तुम्हारी कमी याद करती रही।5/26/202675CommentsPostNo comments yet.