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Mohan Kindarkhediya@kindarkhediy
शब्द तो बस होंठों की आवाज़ हैं, माँ चामुंडा तो दिल की सच्चाई सुनती हैं। जहाँ विश्वास की ज्योति जलती है, वहीं माँ का आँचल छाँव बन जाता है।Related
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शब्द तो बस होंठों की आवाज़ हैं, माँ चामुंडा तो दिल की सच्चाई सुनती हैं। जहाँ विश्वास की ज्योति जलती है, वहीं माँ का आँचल छाँव बन जाता है।No comments yet.