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Harpal Haraf@Harpal HarafSyahi
फिर वही शाम है और हाथों में जाम है आंसुओं की हर बूंद पे बस तेरा नाम है दुनिया जानती थी उसे उसकी बेवफाई से और मैं आज अपनी वफ़ा से बदनाम हूं ।

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