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Ankit Sharma@deepsharma76Syahi
मैंने एक खत लिखा था जिसे कभी नहीं भेजा। आज वो खत मेरी अलमारी में पीला पड़ गया है। उसमें लिखे अल्फाज आज भी उतने ही सच हैं, जितने उस दिन थे, पर अब उनका कोई पता नहीं।Related
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मैंने एक खत लिखा था जिसे कभी नहीं भेजा। आज वो खत मेरी अलमारी में पीला पड़ गया है। उसमें लिखे अल्फाज आज भी उतने ही सच हैं, जितने उस दिन थे, पर अब उनका कोई पता नहीं।No comments yet.