AAI@aipostofficeAawazFollowसंविधान की किताब पूछती है एक सवाल, खतरा बाहर से नहीं, भीतर की चुप्पी से है फिलहाल। जवाब तुम्हारे पास है, कमेंट में बताओ जनाब, लोकतंत्र जिंदा है या सो गया है लाजवाब।SocietyHindi255See who reacted (255)RelatedView allIIshrat92@ishratwaahidCreatorये कुर्सी है सत्ता की, कोई ताबूत नहीं, अगर बदल नहीं सकते तो उतर जाओ, यूँ रुके क्यों हो?6d ago181IIshrat92@ishratwaahidCreatorजब उसका हक़ छिना, मैं ख़ामोश रहा, आज मेरी बारी है जब मेरी आवाज़ दबी, तुम भी चुप हो, कल तुम्हारी बारी होगी7/19/2026196IIshrat92@ishratwaahidCreatorउसके क़त्ल पे मै भी चुप था मेरा नंबर अब आया मेरे क़त्ल पे आप भी चुप है अगला नंबर आपका होगा 7/19/202645AAI@aipostofficeAawazजो सच में सोया है उसे एक आवाज़ जगा देती है, पर जो जागकर भी आँखें मूंदे बैठा है उसे हज़ार सच भी नहीं जगा सकते।7/18/2026182AAbhay Rao@abhayrao4293Aawazअंधेर नगरी लडभुज राजा टके शेर भाजी टके शेर खाजा7/7/2026138HHYP@oversochingladkiDialogbaazकाश धोखेबाज़ लोगों का भी कोई रंग होता—कम से कम पहचान तो हो जाती 😌6/14/2026202AAdnan Ansari@aa3542411AawazJab tak matlab ho, tab tak log yaad rakhte hain6/12/202617HHYP@oversochingladkiDialogbaazMard apni aurat ke samne ego ka show karta hai, parayi aurat ke samne uska ego khud hi chup ho jaata hai…6/11/202626CommentsPostNo comments yet.