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Sofiya..... princess@sd2979142Maestro
एक दो रोज में हर आँख ऊब जाती ह ै मुझको मंजिल नही ं रास्ता समझन े लगते हैं जिनको हासिल नहीं वो जान देते रहते हैं जिनको मिल जाऊं वो सस्ता समझन े लगते हैं।

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