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Aspak Saiyad@aspaksaiyad1Creator
तराशी हुई पत्थर की वो ख़ूबसूरत मूरत हो तुम,
मेरी ज़िंदगी की वो बेहतरीन सूरत हो तुम।
तुमको देखता हूँ अपने ख़्वाबों के ख़ूबसूरत आशियाने में,
उस आशियाने की ख़ूबसूरत रौनक हो तुम।
क़ुर्बान कर दूँ मैं दुनिया की सारी शौहरत को,
क़ुर्बान कर दूँ मैं दुनिया की सारी शौहरत तुम्हारे लिए,
सब शौहरत से कीमती वो दौलत हो तुम।Related
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