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26 नवंबर 2008 की वो रात… जब एक शहर की धड़कन अचानक डर में बदल गई।
2008 Mumbai attacks—एक ऐसा नाम, जो आज भी सुनते ही दिल की धड़कन तेज कर देता है।
रात के करीब साढ़े आठ बजे…
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Mumbai की सड़कों पर जिंदगी हमेशा की तरह भाग रही थी। लोग घर लौट रहे थे, कैफे भरे हुए थे, और समुद्र किनारे हवा में सुकून था। लेकिन उसी वक्त, अरब सागर के रास्ते… दस हथियारबंद हमलावर चुपचाप शहर में दाखिल हो चुके थे।
उनके हाथों में सिर्फ बंदूकें नहीं थीं… बल्कि एक सुनियोजित खौफ था।
scene 3
पहला हमला हुआ Chhatrapati Shivaji Terminus पर। भीड़ से भरे इस स्टेशन पर अचानक गोलियों की आवाज गूंजी। लोग समझ ही नहीं पाए—ये क्या हो रहा है? कुछ सेकंड में ही प्लेटफॉर्म चीखों से भर गया। अंधाधुंध फायरिंग… और हर तरफ भगदड़।
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